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सनातन संस्कृति के ह्रदय में प्राण फूंकने का काम कथा ही कर सकती- राधे बाबा निर्मोही
संवाददाता इन्दरसिंह जमरे बड़वानी मध्यप्रदेश 9644642595
जय जोहार इंडिया TV न्यूज अंजड:- सनातन संस्कृति के ह्रदय में प्राण फूंकने का काम कथा से ही सम्भव है, श्रेष्ठ सन्तो के सानिध्य में सत्संग का श्रवण जीवन की दशा और दिशा बदलने में समर्थ है।
आवश्यक्ता इस बात की है कि वह अपने सद्गुरु के प्रति आस्था और श्रद्धा से साधना में सम्बद्ध होकर सिद्धि के लक्ष्य को अर्जित करे उक्त उदगार श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्टी निर्मोही अनि अखाड़ा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तथा अखिल भारतीय संत समिति प्रदेश मंत्री संत श्री राधे बाबा निर्मोही ने नगर के मध्य स्थित श्री खाटू श्याम मन्दिर परिसर में व्यक्त करते हुए उपस्थित श्रोताओं के सम्मुख व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि सन्तो से प्राप्त प्रेरणा हमारे जीवन मे भक्ति और ज्ञान के वास्तविक अर्थ का आत्मबोध कर अपने कल्याण की दिशा तय करती है। कथा अथवा सत्संग गांवो अथवा शहरों में होते रहना चाहिए। कथा जीवन की व्यथा को हरने की सामर्थ्य रखती है।
पाश्चात्य संस्कृति पर राधे बाबा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि आज पालक बच्चो को ढाई साल का होने पर स्कूल भेज रहे है, तथा बच्चे भारी बस्ता टांगे स्कूल जा रहा है जबकि सनातन संस्कृति में माता को ही बच्चो की प्रथम गुरु माना गया है। पहले गुरुकुल में बच्चो को पढ़ने के लिए भेजा जाता था आज अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में बच्चो को भेजा जा रहा है जहां सनातन संस्कृति का नितांत अभाव रहता है।
उन्होंने भगवान श्रीराम एवं श्रीकृष्ण का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने भी गुरुकुलों में जाकर सन्तो से शिक्षा ग्रहण की थी।
सनातन संस्कृति के संवर्धन के लिए बच्चो में आस्था और श्रद्धा का भाव जगाना पड़ेगा तब ही शिक्षा के साथ संस्कारो से पल्लवित किये जाने में गुरु परम्परा ही एक मात्र उपादान है।
आगे उन्होंने कहा कि ज्ञानरूपी जलेबी में भक्तिरूपी चासनी में नही डूबेगी तबतक उसे परमात्मा के परमानंद का बोध नही होगा जो सत्संग से ही सम्भव है।
उक्त कार्यक्रम श्री गुरुचरणानुरागी भक्त समिति एवं सार्वजनिक ज्ञान गंगा समिति के तत्वावधान में श्री खटूश्याम मन्दिर प्रांगण में आयोजित की गई।
आयोजन से पूर्व महंत श्री राधे बाबा निर्मोही एवं संत चैतन्य महाराज द्वारा श्याम मन्दिर के पुजारी प्रशांत शर्मा ने वैदिकमंत्रोच्चार के साथ श्री श्याम बाबा एवं मन्दिर में स्थापित सालासर बालाजी व पशुपतिनाथ महादेव का पूजन अर्चन करवा कर पुष्पांजलि भेंट करवाई।
पश्चात मंच पर संत राधे बाबा निर्मोही एवं संत चैतन्य जी महाराज द्वारा ठाकुरजी के चित्र पर माल्यर्पण कर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर श्याम मन्दिर समिति की और से अध्यक्ष नितेश बंसल, सुनील भावसार, प्रफुल व्यास, प्रथम पटवा व विजय अग्रवाल ने साल एवं श्रीफल भेंट कर सन्तो का सम्मान किया।
कार्यक्रम के पश्चात संत राधे बाबा निर्मोही के भक्तों द्वारा गुरूपाद पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया गया जिसमे महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन महेंद्र भावसार ने किया स्वागत भाषण पवन व्यास ने दिया आभार सुरेश पतालिया ने माना।