बच्चे हमारे समाज का भविष्य है उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है जब समाज जागरूक होगा तभी अपराध कम होंगे – खेम सिंह चौहान
छत्तीसगढ़

बच्चे हमारे समाज का भविष्य है उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है जब समाज जागरूक होगा तभी अपराध कम होंगे – खेम सिंह चौहान
रायगढ़ : बच्चों के अधिकारों के संरक्षण और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ह्यूमन राइट्स संगठन द्वारा एक महत्वपूर्ण वर्चुअल वेबिनार का आयोजन किया गया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष खेम सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में ‘POCSO एक्ट, बच्चों की सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी’ जैसे संवेदनशील विषयों पर गहन विमर्श हुआ। यह आयोजन 25 जनवरी को बाल दिवस (चिल्ड्रन डे) के उपलक्ष्य में विशेष रूप से आयोजित किया गया था।

संस्कार और सुरक्षा: राष्ट्र का भविष्य
वेबिनार का शुभारंभ करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष खेम सिंह चौहान ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बच्चे हमारे समाज का भविष्य हैं और उनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। जब समाज जागरूक होगा, तभी अपराधों में कमी आएगी। उन्होंने मोहल्लों में बैठकें, स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए एक सुरक्षित वातावरण तैयार करने का आह्वान किया।
POCSO एक्ट: न्याय का सशक्त माध्यम
प्राचार्य हरीकृष्ण पासवान ने POCSO एक्ट (2012) की बारीकियों को समझाते हुए कहा कि यह कानून 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि समाज में बदनामी के डर से अपराधों को छुपाना गलत है, क्योंकि इज्जत शिकायत करने से नहीं बल्कि अपराध सहने से जाती है। हाई कोर्ट इलाहाबाद के एडवोकेट कुमार धनंजय ने बताया कि यदि अपराध करने वाला व्यक्ति कोई भरोसेमंद हो, तो कानून और भी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करता है।
डिजिटल सुरक्षा और गुड टच-बैड टच
बॉम्बे हाई कोर्ट के एडवोकेट सफदर अहमद सिद्दीकी ने ऑनलाइन खतरों के प्रति आगाह किया और माता-पिता को बच्चों के इंटरनेट उपयोग पर नजर रखने की सलाह दी। वहीं, इलाहाबाद और दिल्ली हाई कोर्ट के एडवोकेट डॉ. राजकुमार चौहान ने बच्चों को ‘गुड टच और बैड टच’ की समझ देने पर बल दिया।

महत्वपूर्ण संगठनात्मक नियुक्तियाँ
वेबिनार के दौरान संगठन की मजबूती के लिए दो महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ की गईं:
- उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी: उत्तर प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट डॉ. राजकुमार चौहान द्वारा राम अवतार शर्मा को उत्तर प्रदेश का कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया।
- लीगल सेल की कमान: कार्यक्रम के अंत में एडवोकेट सफदर अहमद सिद्दीकी ने एडवोकेट एच. के. पासवान को फोरम के लीगल सेल का चेयरपर्सन बनाए जाने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव का वेबिनार में उपस्थित सभी अधिवक्ताओं ने एकमत से समर्थन किया, जिसके बाद उनकी नियुक्ति की घोषणा की गई।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जगतवीर सिंह सिसोदिया, राष्ट्रीय महासचिव एम. वहीद सिद्दीकी, छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष गणपत चौहान, महाराष्ट्र कार्यकारी अध्यक्ष एडवोकेट फकीर मोहम्मद खान, उड़ीसा प्रदेश अध्यक्ष रमेश मिश्रा, उत्तर प्रदेश महासचिव अमित पांडेय, आईटी सेल राष्ट्रीय प्रभारी वरुण चौहान और राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य पंकज सिंह सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।
साथ ही डॉ. हिमानी सोम, प्राची तोमर, अरुणा चौहान, नागपुर जिला अध्यक्ष बी. आर. शेगांवकर, आशुतोष पाटिल, राकेश धीमान, परवेज रिजवी, अंकित, राम गोपाल सतेवाल, अंकेश, डॉ. देव शर्मा, जितेंद्र केसरी, साद अली, श्याम राज मिरी, अरमान हसन, राधेलाल भारद्वाज, दिनेश लाल और भूपेंद्र यादव ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई।



