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पलाड़ी कलां की महिलाओं ने गढ़ी आत्मनिर्भरता की नई कहानी: ‘मां वनसरा’ समूह ने शुरू किया लघु उद्योग
छत्तीसगढ़

पलाड़ी कलां की महिलाओं ने गढ़ी आत्मनिर्भरता की नई कहानी: ‘मां वनसरा’ समूह ने शुरू किया लघु उद्योग
बाराद्वार : राज्य सरकार की ‘जय बिहान’ योजना से जुड़कर सक्ती जिले की ग्राम पंचायत पलाड़ी कलां की महिलाएं अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने की राह पर अग्रसर हैं। गांव की महिलाओं द्वारा गठित ‘मां वनसरा महिला स्व-सहायता समूह’ ने स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए हैं।
स्थानीय स्तर पर उत्पादों का निर्माण कर समूह की महिलाओं ने अपने कौशल का प्रदर्शन करते हुए दोना-पत्तल, चाय के डिस्पोजल कप और नाश्ते की प्लेट बनाने का लघु उद्योग शुरू किया है। ये उत्पाद न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि क्षेत्र में इनकी बढ़ती मांग को देखते हुए समूह को अच्छी आजीविका भी प्राप्त हो रही है।

आर्थिक सशक्तिकरण की ओर कदम
समूह की सदस्यों का कहना है कि जय बिहान योजना के माध्यम से मिले प्रशिक्षण और मार्गदर्शन ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है। अब वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने में सहयोग कर रही हैं, बल्कि दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी हैं। ‘मां वनसरा’ समूह की इस पहल से गांव की अन्य महिलाओं में भी स्वरोजगार के प्रति उत्साह देखा जा रहा है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
पलाड़ी कलां के निवासियों ने समूह की इस पहल की सराहना की है। ग्रामीणों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों से न केवल प्लास्टिक प्रदूषण कम होगा, बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। समूह की महिलाएं अब अपने उत्पादों को आसपास के बाजारों में भी आपूर्ति करने की योजना बना रही हैं।




