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आदिवासी अस्तित्व की लड़ाई: रायपुर में जुटेगा समाज, ‘धर्म कोड’ और ‘जातीय जनगणना’ पर बनी खास रणनीति
छत्तीसगढ़,रायपुर

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आदिवासी अस्तित्व की लड़ाई: रायपुर में जुटेगा समाज, ‘धर्म कोड’ और ‘जातीय जनगणना’ पर बनी खास रणनीति
जय जोहार इंडिया TV न्यूज नेटवर्क रायपुर: छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज (रूढ़िजन्य परंपरा पर आधारित) ने आगामी 5 अप्रैल 2026 को राजधानी रायपुर में एक महत्वपूर्ण प्रादेशिक बैठक बुलाई है। इस बैठक में आदिवासी समाज के अस्तित्व और अधिकारों से जुड़े कई संवेदनशील और बड़े मुद्दों पर रणनीति तैयार की जाएगी।

बैठक की बड़ी बातें: स्थान: आदिवासी कंवर भवन, टाटीबंध, रायपुर। समय: रविवार, 5 अप्रैल 2026।
अध्यक्षता: प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री आदरणीय अरविंद नेताम जी।

इन प्रमुख मुद्दों पर होगा मंथन:
इस बैठक का एजेंडा बेहद स्पष्ट और महत्वपूर्ण रखा गया है:
आदिवासी धर्म कोड: आगामी जनगणना में आदिवासियों के लिए अलग ‘आदिवासी धर्म कोड’ दर्ज कराने हेतु देशव्यापी रणनीति और प्रचार-प्रसार पर चर्चा।
जातीय जनगणना: समाज की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए जातीय जनगणना की मांग को मजबूती देना।
परिसीमन का मुद्दा: आगामी विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों के परिसीमन को लेकर समाज की भूमिका तय करना।
संगठनात्मक चर्चा: संगठन की मजबूती और अन्य सामाजिक विषयों पर विस्तृत चर्चा।
देशभर के दिग्गज होंगे शामिल:
इस बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें राष्ट्रीय आदिवासी समन्वय समिति के संयोजक समेत झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के प्रमुख सामाजिक नेता भी शिरकत करेंगे।

प्रदेश सचिव विनोद कुमार नागवंशी ने छत्तीसगढ़ के सभी 42 आदिवासी समुदायों के प्रमुखों, जिला अध्यक्षों और प्रदेश पदाधिकारियों से इस बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने की अपील की है, ताकि समाज के भविष्य के लिए ठोस निर्णय लिए जा सकें।



