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आरोप है कि – आस पास के लोगो से वन परीक्षेत्र ये अधिकारी के नाम से करता है पैसो का लेनदेन और यहा तक की आनलाइन पेमेंट लेने से भी नही डरता…ग्रामीणों है परेशान
जय जोहार इंडिया TV न्यूज नेटवर्क

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वन परिक्षेत्र बिलाईगढ़ में एक बार फिर उजागर हुआ भ्रष्टाचार का मामला
वन परीक्षेत्र बिलाईगढ़ अंतर्गत गाताडीह सर्किल के बैरियर में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी
के कार्यकलपो परेशान् है क्षेत्र की जनता
आरोप है कि – आस पास के लोगो से परीक्षेत्र अधिकारी के नाम से करता है पैसो का लेनदेन और यहा तक की आनलाइन पेमेंट लेने से भी नही डरता…ग्रामीणों है परेशान
जय जोहार इंडिया TV न्यूज नेटवर्क खबर विस्तार से- नवगठित जिला सारंगढ़ – बिलाईगढ़ के वन परिक्षेत्र बिलाईगढ़ अंतर्गत गाताडीह सर्किल् से एक और भ्रस्टाचार का मामला निकल कर सामने आ रहा है, ग्रामीणों के आरोप है कि वन परीक्षेत्र बिलाइगढ़ के गताडीह सर्किल मे तेंदुभाटा बेरियर मे कार्यरत दैनिक भोगी कर्मी राजेंद्र साहू नाम के इस शख्स के काले कारनामो कि चर्चा क्षेत्र मे बड़े जोरशोर से चल रही है, मामला कुछ इस प्रकार है की राजेंद्र साहू बेरियर के कार्य को छोड़ कर वन परीक्षेत्र अधिकारी श्री आशिफ़ खान जी के नाम से आस-पास् के छोटे छोटे बढ़ाई कार्य करने वाले लोगो से पैसो की मांग करता है, और उन्हे अपने अधिकारी के नाम की धोस जमा कर चमकता है ,

हमारे पत्रकार साथी से अपने नाम न प्रकाशित करने के शर्त पर एक पीड़ित शख्स सारी जानकारी और सबूत भी दिया है, और इस को लेकर जब हमने बिलाइगढ़ के परीक्षेत्र अधिकारी आशिफ खान जी से जानना चाहा तो अधिकारी महोदय ने बताया है कि इस सब बातो की जानकारी हमे नही है , और यही बात गताडीह सर्किल मे पदस्त सहायक वन परीक्षेत्र अधिकारी विभीषण पटेल ने भी कहा है, अब बात यहा पर ये आती है की एक दैनिक वेतन भोगी के पद पर कार्यरत राजेंद्र साहू के हौसलो के पीछे ओ कौन है जो इस तरह के काले करतूत आन् लाइन मे पैसा लेने जैसा कार्य को अंजाम दे रहा है,
सारी जानकारी और सबूत वन परीक्षेत्र अधिकारी खान साहब को दे दी गयी है, और जल्द् से जल्द् जांच कर तह तक पहुंच कर दोषी कर्मचारी पर उचित कार्यवाही की अपील किया गया है अब देखने

परीक्षेत्र अधिकारी बिलाईगढ आशिफ़ खान जी
वाली बात यहां यह है, कि आखिर नाम तो आशिफ खान जी का लेकर वसुली किया जा रहा है अब, देखना है कि क्या परीक्षेत्र अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लेते है, या हमे उनके उपर बैठे आला अधिकारियो के कार्यालय का दरवाजे पर प्रार्थना और अपील और् निवेदन् करना पड़ता है।
ग्रामीण की आरोप में कितना सही है ये तो जांच के बाद ही पता चलेगा कि हकीकत क्या है, हलाकि हमरी चैनल इसकी पुष्टि नहीं करती है, यह अधिकारियों ही जांच कर स्पष्ट करेंगे।
यह लेख जितेंद्र पांडे जी है… आगे की अपडेट के लिए बने रहे हमारे चैनल पर

