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खरसिया-पत्थलगांव सड़क मार्ग के स्टीमेट में संशोधन की मांग…. या करें अनुबंध से करें डिस्ककोप….
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खरसिया-पत्थलगांव सड़क मार्ग के स्टीमेट में संशोधन की मांग…. या करें अनुबंध से करें डिस्ककोप….
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छत्तीसगढ़ प्रदेश के सबसे बड़े उद्योग कहलाने वाले रायगढ़ जिला है जो सड़क समस्या को लेकर हमेशा क्षेत्रीय ग्रामीण परेशान रहते है। वही इस कड़ी में खरसिया से पत्थलगांव मार्ग जो बन रही है, उसके कई रुकावट समाने आ रही है, कई बार ग्रामीण लोग साथ कई समाजिक नेताओं और अब तो विधायक एवं पूर्व मंत्री को भी इस सड़क के लिए आर्थिक नाकें बंदी करना पड़ गया।
अब ठेकेदार ने अपनी शब्द में कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग को पत्राचार करते हुए खरसिया से छाल तक की 12.60 किलो मीटर सड़क को एस्टीमेट में संसोधन करने की मांग की है।
ठेकेदार ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि अगर एस्टीमेट में संसोधन नहीं किया जाता है तो खरसिया से छाल तक की 12.60 किलो मीटर को अनुबंद से डिस्कोप किया जाए। संदर्भित सड़क निर्माण कार्य के अंतर्गत खरसिया से छाल मार्ग लंबाई 12.60 कि.मी. में वर्तमान में सड़क मार्ग की स्थिति अत्यधिक खराब हैं।
और वर्तमान परिस्थितियों में विभाग द्वारा दिये गये एस्टीमेट के आधार पर कार्य करना संभव नहीं हैं। विभाग द्वारा हमें जो एस्टीमेट दिया गया था वह वर्तमान परिस्थिति के विपरीत हैं, जिसके कारण उक्त (विभाग द्वारा प्रदत्त) एस्टीमेट में बहुत से महत्वपूर्ण संशोधन करने की शीघ्र आवश्यकता हैं।
सड़क मार्ग के अंतर्गत खरसिया से छाल मार्ग में चैनेज क्रमांक 45.500 में स्थित सड़क हमेशा पानी में डूबे रहता है क्योंकि यहां एसईसीएल द्वारा उक्त सड़क के दोनों ओर मिट्टी का मेड बनाकर पानी को रोक दिया गया हैं, जिससे पानी निकासी न होने के कारण यहां सदैव जलभराव रहता हैं। इसके अतिरिक्त बांधापाली चौक चैनेज क्रमांक 46.000 से एडू बैरियर चैनेज क्रमांक 49.800 तक कुल 3.800 कि.मी. लंबाई के मध्य में एस.ई.सी. एल. की कोयला खदानें स्थित हैं, जिसमें प्रतिदिन भारी मात्रा में ओव्हर लोडेड ट्रेलर्स द्वारा कोयले का परिवहन किया जाता है, परिवहन के दौरान उक्त वाहनों से कोयले की डस्ट / बारीक कण सड़क में गिरने से यहां धूल की धूल की समस्या के निवारण हेतु यहाँ के ग्रामवासियों एवं जनप्रतिनिधयों द्वारा एस.ई.सी.एल. से प्रतिदिन उक्त सड़क मार्ग में पानी का छिड़काव कराया जाता हैं।
जिसका लोडिंग पाईंट भी हमारे सड़क से लगा हुआ हैं व इस लोडिंग पाईंट से निकलने वाला पानी भी लगातार हमारी सड़क में बहते रहता हैं। डामर वाली सड़क के उपर निरन्तर पानी का छिड़काव करने से डामर रोड टिक नहीं पायेगा। उक्त चैनेज में हमारे द्वारा डामरीकरण कार्य करने के पश्चात भी निरन्तर भारी वाहनों की आवाजाही व पानी के छिड़काव के कारण कुछ ही दिनों में सड़क की स्थिति पहले की तरह खराब हो जायेगी।
अत: चैनेज क्रमांक 46.000 से चैनेज क्रमांक 49.800 तक कुल 3.800 कि.मी. में डामरीकरण के स्थान पर सीमेन्ट कांक्रीट से सड़क निर्माण करना अतिआवश्यक हैं। उक्त सड़क मार्ग के अधूरे निर्माण तथा कोयला परिवहन में लगे वाहनों से उडऩे वाले धूल डस्ट से आज आम जनता बहुत अधिक त्रस्त है। इन समस्याओं पर सरकार की अनदेखी और निष्क्रियता के विरूद्ध 20 नंवबर 2024 को यहां के विधायक लालजीत सिंह राठिया व पूर्व मंत्री उमेश पटेल, स्थानीय जनता द्वारा छाल घरघोड़ा चौक में चक्काजाम व आर्थिक नाकेबंदी के माध्यम से सोई हुई सरकार को जगाने के लिए भारी संख्या में आवाज बुलंद की गई।
उक्त मार्ग के अंतर्गत सड़क की मजबूती एवं गुणवत्ता हेतु पूर्व में भी कई बार यहां के जनप्रतिनिधियों द्वारा सीमेन्ट कांक्रीट से सड़क निर्माण की मांग को लेकर पूर्व मंत्री उमेश पटेल एवं तत्कालीन विधायक लालजीत सिंह राठिया द्वारा उपमुख्यमंत्री माननीय अरूण साव, कलेक्टर जिला रायगढ़ एवं सचिव लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखा जा चुका हैं, परन्तु ना तो शासन की आरे से और ना ही विभाग द्वारा आज तक किसी भी प्रकार की कार्यवाही की गई हैं, जिसके कारण यहां की आम जनता में शासन के विरूद्ध भयंकर आक्रोश की स्थिति हैं।
उपरोक्त कार्यवाही हेतु इनके द्वारा 5 दिसम्बर 2024 तक की समयावधि दी गई हैं यदि इस तिथि तक शासन-प्रशासन अथवा विभाग द्वारा कोई ओर से कोई संतोषजनक कार्यवाही नहीं होने पर इनके द्वारा विशाल जन आंदोलन किया जायेगा, जिसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन-प्रशासन तथा विभाग की होगी। क्षेत्रीय ग्रामीण की हित में कोई उचित कार्यवाही करने की कृपा करें, ताकि समस्या की समाधान हो सके ।।

