उफनते नाले से होकर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे, सरकार की दावा विफल
छत्तीसगढ़ रायगढ़ धरमजयगढ़

जय जोहार इंडिया TV न्यूज भारत के सबसे लोकप्रिय न्यूज नेटवर्क
उफनते नाले से होकर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे, सरकार की दावा विफल
रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत क्रोंधा में शिक्षा की राह आज भी खतरे से होकर गुजरती है। यहां करीब 50 छात्र-छात्राएं रोज उफनते नाले को पार कर खड़गांव स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। बारिश के दिनों में बच्चे घुटनों तक पानी में जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते हैं। ग्रामीण वर्षों से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हो सका है। देखिए यह रिपोर्ट।

एक ओर सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’और शिक्षा के अधिकार की बात करती है, वहीं रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत क्रोंधा की तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है।

गांव के करीब 50 छात्र-छात्राएं रोजाना जान जोखिम में डालकर उफनते नाले को पार कर खड़गांव स्थित स्कूल पहुंचते हैं। बारिश के बीच बच्चे पहले साइकिल से नदी किनारे तक आते हैं, फिर साइकिल वहीं छोड़कर घुटनों तक पानी में नदी पार करते हैं और उसके बाद करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल पहुंचते हैं।

हालात ऐसे हैं कि कई छात्राएं अपनी स्कूल ड्रेस बचाने के लिए अलग कपड़े साथ लेकर चलती हैं। नदी पार करने के बाद वे स्कूल ड्रेस पहनकर कक्षा में पहुंचती हैं। वहीं, जब नदी का जलस्तर ज्यादा बढ़ जाता है तो कई दिनों तक बच्चों का स्कूल जाना बंद हो जाता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। वही छात्राओं ने बताया कि जल का तेज बहाव से बच्ची बह जा रही थी परन्तु साथियों द्वारा बचा लिया गया

ग्रामीणों का कहना है कि क्रोंधा और खड़गांव के बीच स्थायी पुल की मांग वर्षों से की जा रही है। विष्णुदेव साय जब 2015 में केंद्रीय मंत्री थे तो उनके द्वारा आश्वाशन मिला था 2025 में जब विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री बने तो घोषणा की थी, कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से आश्वासन भी मिला, लेकिन आज तक पुल का निर्माण नहीं हो सका। नतीजा यह है कि हर बारिश में बच्चों की सुरक्षा दांव पर लग जाती है।

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और कलेक्टर से जल्द पुल निर्माण की मांग की है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या फिर इन बच्चों को सुरक्षित शिक्षा का अधिकार मिल पाएगा?


