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महतारी वंदन योजना में अवैध वसूली! रुपए लेकर भी KYC रिजेक्ट, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

छत्तीसगढ़, रायगढ़, लैलूंगा

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महतारी वंदन योजना में अवैध वसूली! रुपए लेकर भी KYC रिजेक्ट, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

गरीबों की योजना में सेंध: दीयागढ़ के युवक पर लगा पार्वती पटेल की ID से पैसे वसूलने का आरोप, तहसीलदार से की गई लिखित शिकायत

 

डेस्क खबर -रायगढ़ /​लैलूंगा।छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना’ का लाभ दिलाने के नाम पर ग्रामीणों से अवैध वसूली का एक गंभीर मामला सामने आया है। लैलूंगा तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत गंजपुर के आश्रित ग्राम मड़िया कछार में केवाईसी (KYC) अपडेट करने के नाम पर गरीब ग्रामीणों से ठगी की गई है। इस घटना को लेकर पूरे गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है और ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पैसे भी डूबे और काम भी नहीं हुआ!

​ग्रामीणों द्वारा मीडिया में बताए शिकायत के अनुसार, दीयागढ़ निवासी हीरालाल पटेल नाम के व्यक्ति ने पार्वती पटेल की आधिकारिक लॉगिन ID का उपयोग करके मड़िया कछार के ग्रामीणों का KYC फॉर्म भरा। आरोप है कि इस प्रक्रिया के लिए प्रति ग्रामीण 50-50 रुपए की अवैध वसूली की गई।

​विवाद तब और बढ़ गया जब पैसे देने के बावजूद दर्जनों ग्रामीणों का KYC रिजेक्ट (अस्वीकृत) हो गया। अब पीड़ित ग्रामीणों को दोबारा भटकना पड़ रहा है और अन्य सेंटर्स पर जाकर फिर से प्रक्रिया करानी पड़ रही है। इससे गरीब ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ भारी मानसिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ रही है।

ग्रामीणों का कहना है: “एक तो हमसे नियम के खिलाफ जाकर पैसे लिए गए, ऊपर से काम भी ठीक से नहीं किया गया। अगर फॉर्म सही तरीके से भरा जाता तो हमारा KYC रिजेक्ट क्यों होता? यह सीधे तौर पर गरीबों के हक पर डाका है।”

 

प्रशासन से लगाई गुहार

​इस धांधली के खिलाफ मड़िया कछार के लामबंद ग्रामीणों ने रायगढ़ लैलूंगा प्रशासन को मीडिया के माध्यम से लगाई गुहार कि है:

  • ​पूरे मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जाए।
  • ​पार्वती पटेल की ID का दुरुपयोग करने वाले और अवैध वसूली करने वाले आरोपी हीरालाल पटेल पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

​सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और कड़े नियमों के दावों के बीच, लैलूंगा के मड़िया कछार में हुए इस वाकये ने स्थानीय प्रशासनिक निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि इस लिखित शिकायत के बाद जिम्मेदार अधिकारी क्या एक्शन लेते हैं और पीड़ित महिलाओं व ग्रामीणों को कब तक न्याय मिल पाता है।।

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