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धरमजयगढ़ में 9 अगस्त को उठेगी ‘जल, जंगल, जमीन’ के हक की आवाज: सर्व आदिवासी समाज निकालेगा विशाल महारैली

छत्तीसगढ़, रायगढ़, धरमजयगढ़

जय जोहार इंडिया TV भारत के सबसे लोकप्रिय न्यूज नेटवर्क 

धरमजयगढ़ में 9 अगस्त को उठेगी ‘जल, जंगल, जमीन’ के हक की आवाज: सर्व आदिवासी समाज निकालेगा विशाल महारैली

 

छत्तीसगढ़, रायगढ़ धरमजयगढ़ – धरमजयगढ़ में आगामी 09 अगस्त (रविवार) को ‘विश्व आदिवासी दिवस’ के अवसर पर छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज (रूढ़ी जन्य परंपरा पर आधारित) द्वारा धर्मजयगढ़ में एक वृहद महारैली, आमसभा एवं ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

“जागो आदिवासी जागो… जल, जंगल, जमीन बचाओ!अधिकार और अस्तित्व को बचाओ!” के गगनभेदी नारे के साथ यह आयोजन सम्पन्न होगी

क्षेत्र वासियों से अपील कर रहे है कि दशहरा मैदान में समय पर एकत्रित हो जाएं।

कार्यक्रम की रूपरेखा और रैली मार्ग
समय: प्रातः 09:00 बजे से एकत्रित स्थल: राजमहल के सामने, दशहरा मैदान (धरमजयगढ़)।

विशाल रैली मार्ग – दशहरा मैदान – बिरसा मुंडा चौक-सिविल लाइन- पोस्ट ऑफिस – बस स्टैंड – गाँधी चौक  पुनः दशहरा मैदान।
विशेष कार्यक्रम: महारैली के पश्चात आमसभा, स्थानीय प्रशासन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति व राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा, भव्य आदिवासी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी एवं प्रतिभावाना छात्रों व समाजसेवियों का सम्मान किया जाएगा।

 समाज की प्रमुख माँगें एवं संकल्प
1. ग्राम सभा की अनुमति अनिवार्य- बिना ग्राम सभा की सहमति के किसी भी कोल ब्लॉक, उद्योग, ड्रोन या हवाई सर्वे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।

2. पृथक जिला निर्माण:- धर्मजयगढ़-उदयपुर को अविलंब पृथक जिला घोषित किया जाए।

3. आदिवासी धर्म कोड:- आगामी जनगणना में ‘आदिवासी धर्म कोड’ (आदिवासी धर्म) का पृथक कॉलम शामिल कर इसे संवैधानिक मान्यता दी जाए।

4. अधिकारियों की नियुक्ति:- पाँचवीं अनुसूची क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था को अनुकूल बनाने के लिए आदिवासी अधिकारियों को पदस्थ किया जाए।

5. मूलभूत सुविधाओं की बहाली:- वनांचल गाँवों में पानी, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं का तत्काल विस्तार किया जाए।

6. हाथी-मानव द्वंद्व व मुआवजा:-
जंगली हाथियों से होने वाले फसल नुकसान पर सरकार द्वारा तय मूल्य के बराबर मुआवजा राशि मिले।जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को ₹50 लाख का मुआवजा एवं एक सदस्य को योग्य सरकारी नौकरी दी जाए। मानव व हाथी सुरक्षा के लिए जंगलों का संरक्षण सुनिश्चित हो।

 

अपील:
छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने क्षेत्र के समस्त सगा जनों – राठिया, कंवर, गोंड, उरांव, खड़िया, नगेशिया, कमलबंसी, मंझवार, धनवार , माझी, बिरहोर, कोरवा, पंडो, सांवरा, कलंगा, अगारिया सहित समस्त समाजों से अपील की है कि वे अपनी पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक पहचान के साथ महारैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपने अधिकारों की रक्षा हेतु संकल्प लें।।

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