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बरबसपुर में गौरा-गौरी विवाह की धूम: पारंपरिक नृत्य और उत्साह के साथ संपन्न हुआ उत्सव, आनिश चौहान ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भेंट प्रदान की
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ग्राम बरबसपुर में गौरा-गौरी विवाह की धूम: पारंपरिक नृत्य और उत्साह के साथ संपन्न हुआ उत्सव,
आनिश चौहान ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भेंट प्रदान की,
जय जोहार इंडिया TV न्यूज बरबसपुर। आस्था और परंपरा के संगम के साथ ग्राम बरबसपुर में ‘गौरा-गौरी विवाह’ का पावन पर्व हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
इस अवसर पर पूरा गांव भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा और भगवान शिव-पार्वती के प्रतीक गौरा-गौरी के विवाह की रस्में पूरी श्रद्धा के साथ निभाई गईं।

लोक संस्कृति का अनूठा संगम
उत्सव की रौनक बढ़ाने के लिए आसपास के कई गांवों से आदिवासी नृत्य गौरा पार्टियों ने शिरकत की।
ढोल-नगाड़ों की थाप पर पारंपरिक वेशभूषा में सजे नर्तक दलों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
इन पार्टियों द्वारा प्रस्तुत बधाई कार्यक्रमों ने उत्सव के उत्साह को दोगुना कर दिया।

हर घर में मेहमाननवाजी और अपनों का साथ
इस विशेष अवसर पर बरबसपुर के हर घर में उत्सव जैसा माहौल था। गांव के सभी घरों में दूर-दराज से आए रिश्तेदारों और मेहमानों की भारी भीड़ रही।
पुरानी परंपराओं को जीवंत रखते हुए ग्रामीणों ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया, जिससे गांव में मेल-मिलाप और भाईचारे की सुंदर तस्वीर देखने को मिली।

कलाकारों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए समाज सेवी शंभु चौहान के सुपुत्र अनीश कुमार चौहान ने सक्रिय भूमिका निभाई।
उन्होंने कार्यक्रम में शामिल हुए सभी:
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गौरा नृत्य दलों * सुआ नृत्य दलों
को उनकी शानदार प्रस्तुति के लिए सम्मानित किया। अनीश चौहान ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भेंट प्रदान की,
और छग सर्व आदिवासी समाज के ब्लॉक अध्यक्ष धरमजयगढ़ के द्वारा में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया जिसे पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है।
“गौरा-गौरी पूजा हमारी संस्कृति की पहचान है। इसे संजोए रखना और कलाकारों का सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है।”










