बाँधापाली में गूँजे श्रीकृष्ण के जयकारे, रुक्मिणी विवाह उत्सव में उमड़ा जनसैलाब
छाल : ग्राम बाँधापाली में पटेल परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन सोमवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला एवं रुक्मिणी विवाह प्रसंग का रसपान किया।
कथावाचक लिंजीर वाले पंडित देवेन्द्र सतपथी ने अपनी मधुर वाणी में भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के दिव्य विवाह का मार्मिक वर्णन किया। जैसे ही पाणिग्रहण संस्कार का प्रसंग आया, पूरा पंडाल मंगल गीतों, शंखनाद और जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान के दिव्य मिलन का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया।
इससे पूर्व कंस वध के प्रसंग का वर्णन करते हुए कथा व्यास ने बताया कि सत्य और धर्म की राह पर चलने वालों की सदैव विजय होती है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें अन्याय, अत्याचार और अधर्म के विरुद्ध संघर्ष करने की प्रेरणा देता है।
कथा के दौरान भक्ति भाव से सराबोर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर भगवान के जयकारे लगाते रहे। आयोजन स्थल पर धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।