थम नहीं रहा हाथियों की मौत का सिलसिला, नदी में डूबने से एक और हाथी शावक ने तोड़ा दम, रायगढ़ बना ‘हॉटस्पॉट
छत्तीसगढ़, रायगढ़, खरसिया

जय जोहार इंडिया TV न्यूज भारत के सबसे लोकप्रिय न्यूज नेटवर्क
थम नहीं रहा हाथियों की मौत का सिलसिला, नदी में डूबने से एक और हाथी शावक ने तोड़ा दम, रायगढ़ बना ‘हॉटस्पॉट
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ वन मंडल से एक बार फिर बेहद परेशान और विचलित करने वाली खबर सामने आ रही है। रायगढ़ में हाथियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। खरसिया वन परिक्षेत्र में पानी में डूबने से एक और मासूम हाथी शावक (Elephant Calf) की दर्दनाक मौत हो गई है। पिछले 30 दिनों के भीतर यह चौथे हाथी शावक की मौत है, जिसके बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

मांड नदी के पास हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला खरसिया रेंज के अंतर्गत आने वाले मांड नदी के गुर्दा के पास का है। बताया जा रहा है कि इलाके में करीब 50 हाथियों का एक बड़ा दल लगातार विचरण कर रहा है। इसी दल में शामिल एक छोटा शावक मांड नदी के पानी में डूब गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही वन अमला आनन-फानन में मौके पर पहुंचा है और जांच-पड़ताल में जुट गया है।
मई महीने में भी हुई थी 3 मौतें
गौरतलब है कि बीते मई महीने में ही अलग-अलग घटनाओं में तीन हाथी शावकों की पानी में डूबने से मौत हो चुकी है। उस दौरान भी वन विभाग के दावों और सुरक्षा इंतजामों की पोल खुली थी। अब एक महीने के भीतर ही चौथी मौत ने वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
हॉटस्पॉट बना रायगढ़, कटघरे में वन विभाग
लगातार हो रही इन मौतों के बाद रायगढ़ अब हाथियों के लिए ‘हॉटस्पॉट’ बनता जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में हाथियों के दल की मौजूदगी के बावजूद वन विभाग की टीम शावकों को सुरक्षित रखने और ऐसे हादसों को रोकने में नाकाम साबित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर वन विभाग का मैदानी अमला अलर्ट रहता और हाथियों की मूवमेंट पर सही तरीके से नजर रखता, तो इन मासूम शावकों की जान बचाई जा सकती थी।
फिलहाल, अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ में मानव-हाथी द्वंद्व और वन्यजीव प्रबंधन के खोखले दावों को उजागर कर दिया है।



