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धरमजयगढ़ के कटाईपाली में करियर गाइडेंस का भव्य आयोजन: RKVS कोरबा की टीम ने 10वीं-12वीं के बच्चों को दिए सफलता के मंत्र

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धरमजयगढ़ के कटाईपाली में करियर गाइडेंस का भव्य आयोजन: RKVS कोरबा की टीम ने 10वीं-12वीं के बच्चों को दिए सफलता के मंत्र

धरमजयगढ़ (जय जोहार इंडिया)। विकासखंड धरमजयगढ़ के ग्राम कटाईपाली सी में स्कूली बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए एक शानदार करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। RKVS कोरबा की विशेषज्ञ टीम ने कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को भविष्य में सही राह चुनने और करियर की असीम संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

फूलों की वर्षा और गुलदस्तों से हुआ टीम का आत्मीय स्वागत

​कार्यक्रम की शुरुआत बेहद उत्साहजनक रही। कोरबा जिले से पहुंची RKVS की मार्गदर्शक टीम का विद्यालय के मुख्य द्वार पर बच्चों और आयोजकों द्वारा गुलदस्ता भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। छात्र-छात्राओं ने पूरी टीम पर पुष्प वर्षा करते हुए उन्हें आदरपूर्वक शिक्षक कक्ष तक पहुंचाया।

​इसके बाद मुख्य अतिथि सरपंच श्री भोलेश्वर राठिया, ग्राम प्रमुख मान सिंह राठिया और ग्राम के सियानों (बुजुर्गों) द्वारा मां सरस्वती के तैल्य चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और श्रीफल तोड़कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।

विशेषज्ञ शिक्षकों ने दिए करियर के ये अनमोल टिप्स:

​करियर मार्गदर्शन टीम के अलग-अलग वक्ताओं ने विद्यार्थियों को विषय चयन से लेकर उच्च पदों तक पहुंचने का पूरा रोडमैप समझाया:

  • रामलाल राठिया (खुंटाकुड़ा): इन्होंने 10वीं के बाद रुचि के अनुसार सही विषय चुनने और जीवन में एक निश्चित ‘गोल’ (लक्ष्य) तय करके आगे बढ़ने की सीख दी।
  • रामलाल कंवर (पीड़िया): कम समय में आत्मनिर्भर बनने के इच्छुक छात्रों के लिए इन्होंने 10वीं के बाद आईटीआई (ITI) और पॉलिटेक्निक जैसे डिप्लोमा कोर्सेज को एक बेहतरीन जरिया बताया।
  • सागर सिंह राठिया (कृषि संकाय): इन्होंने बताया कि 12वीं कृषि के बाद PAT (प्री-एग्रीकल्चर टेस्ट) पास कर BSc कृषि की जा सकती है, जिसके बाद ग्राम सेवक, कृषि वैज्ञानिक, वन विभाग और उद्यान विभाग में शानदार सरकारी नौकरियां मिलती हैं।

मेडिकल, इंजीनियरिंग और रिसर्च में अवसरों की झड़ी

​कार्यक्रम में दुबराज सिंह राठिया ने विज्ञान और गणित के छात्रों के लिए कई महत्वपूर्ण रास्ते बताए:

  • बायोलॉजी (PCB) के लिए: NEET परीक्षा के जरिए MBBS, BDS, BAMS, BHMS, BUMS और वेटनरी डॉक्टर बनने की राह दिखाई। इसके साथ ही, वैकल्पिक करियर के रूप में BSc पैरामेडिकल (बी.फार्मा, फिजियोथेरेपी, लैब टेक्नोलॉजी, रेडियोलॉजी) और BSc नर्सिंग के बाद NORCET टेस्ट देकर नर्सिंग स्टाफ बनने की जानकारी दी।
  • मैथ्स (PCM) के लिए: JEE परीक्षा पास कर IIT/NIT से कंप्यूटर साइंस, डेटा साइंस, AI, सिविल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करने के फायदे बताए। इसके अलावा NDA के जरिए सेना (आर्मी/नेवी/एयरफोर्स) में अफसर बनने और IMU-CET पास कर मर्चेंट नेवी में जाने के उपाय साझा किए।
  • रिसर्च और जनरल कोर्सेज: CUET और NEST परीक्षाओं के माध्यम से NISER/IISER जैसे प्रीमियम संस्थानों से इंटीग्रेटेड BSc+MSc कर वैज्ञानिक बनने या CUET से BSc-B.Ed कर शिक्षा क्षेत्र में जाने का तरीका समझाया।

आर्ट्स, कॉमर्स और शासकीय नौकरियों की राह

  • करमसिंह राठिया (कला संकाय): इन्होंने आर्ट्स विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि इस क्षेत्र के छात्र शिक्षक, व्याख्याता, प्रोफेसर बनने के साथ-साथ CG-PSC और UPSC क्रैक कर बड़े प्रशासनिक अधिकारी बन सकते हैं।
  • श्री यादनसिंह राठिया (वाणिज्य संकाय): इन्होंने कॉमर्स लेकर चार्टर्ड एकाउंटेंट (CA), प्रोफेसर और बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाकर आर्थिक रूप से मजबूत होने के गुर सिखाए।
  • मनमोहन सिंह राठिया: कार्यक्रम के अंत में इन्होंने SSC (स्टाफ सिलेक्शन कमीशन) की परीक्षाओं के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में बी-ग्रेड, सी-ग्रेड और डी-ग्रेड की सरकारी नौकरियां हासिल करने के टिप्स दिए।

सरपंच ने जीता दिल: स्वादिष्ट भोजन और ठंडे पानी की व्यवस्था

​ग्राम पंचायत कटाईपाली सी के युवा और संवेदनशील सरपंच श्री भोलेश्वर राठिया ने कार्यक्रम में आए सभी मार्गदर्शक शिक्षकों, ग्रामीणों और बच्चों के लिए स्वादिष्ट भोजन और ठंडे पानी की बेहतरीन व्यवस्था की थी, जिसकी सभी ने खूब सराहना की।

“ग्रामीण बच्चों के लिए संजीवनी के समान है यह मार्गदर्शन”

​कार्यक्रम के समापन पर आभार व्यक्त करते हुए सरपंच श्री भोलेश्वर राठिया भावुक हो गए। RKVS कोरबा की टीम को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा:

​”ग्रामीण बच्चों को करियर के बारे में इस तरह नि:शुल्क जानकारी देना, किसी घायल व्यक्ति को संजीवनी बूटी देने के समान है। मैं खुद परिस्थितियों की वजह से केवल 8वीं तक पढ़ पाया, लेकिन मेरा यह संकल्प है कि मैं अपने गांव के बच्चों को शिक्षा के उच्चतम स्तर तक पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ूंगा।”

 

शायराना अंदाज में हुआ मंच संचालन

​पूरे कार्यक्रम का सफल और बेहतरीन संचालन श्री दुबराज सिंह कंवर ने अपने खास शायराना अंदाज में किया, जिसने बच्चों को अंत तक बांधे रखा।

​इस गरिमामय कार्यक्रम में उपसरपंच सुकुल खूंटे, पंचगण बिंदेश्वर सिंह, बीरबल सिंह, गुजराज सिंह सहित प्रबंधक दिगम्बरसिंह राठिया, यादराम डनसेना, रेवालाल, हरिमा महंत, प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय के रसोइया और बहुत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं व ग्रामीण जन उपस्थित रहे।।

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