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“वनवासी नहीं, आदिवासी हैं हम!” अमित शाह के बयान पर भड़का गुस्सा, कांग्रेस ने फूंका पुतला; पुलिस से तीखी झड़प

छत्तीसगढ़, रायगढ़, लैलूंगा

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“वनवासी नहीं, आदिवासी हैं हम!” अमित शाह के बयान पर भड़का गुस्सा, कांग्रेस ने फूंका पुतला; पुलिस से तीखी झड़प

दिल्ली के ‘जनजाति संगम’ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा आदिवासियों को ‘वनवासी’ कहने पर उपजा आक्रोश

रायपुर/रायगढ़ /लैलूंगा:- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा आदिवासी समाज को ‘वनवासी’ कहे जाने पर राजनीतिक और सामाजिक पारा गरमा गया है। शुक्रवार को आदिवासी कांग्रेस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। बस स्टैंड चौक पर सैकड़ों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला दहन किया।

​इस प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और जमकर झूमाझटकी भी देखने को मिली, जिससे कुछ देर के लिए मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।

‘हम सिर्फ जंगल में रहने वाले नहीं, इस देश के मूल निवासी हैं’

​प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व विधायक हृदय राम राठिया और आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दिलीप केरकेट्टा ने अमित शाह के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई।

​नेताओं ने कहा कि हाल ही में दिल्ली में आयोजित ‘जनजाति संगम’ कार्यक्रम में अमित शाह ने अपने भाषण में आदिवासी समाज के लिए बार-बार ‘वनवासी’ शब्द का प्रयोग किया। यह देश के मूल निवासियों का अपमान है।

“आदिवासी समाज इस देश का मूल निवासी है। हमें केवल ‘जंगल में रहने वाले’ (वनवासी) के रूप में परिभाषित करना हमारे गौरवशाली इतिहास, पहचान और अधिकारों को छोटा करने की एक सोची-समझी साजिश है।”

आदिवासी कांग्रेस नेतृत्व

पुलिस से भिड़े कार्यकर्ता,

​आंदोलन के दौरान जब कांग्रेसी कार्यकर्ता अमित शाह का पुतला फूंकने आगे बढ़े, तो पुलिस बल ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिस के घेरे को तोड़ते हुए कार्यकर्ताओं ने आखिरकार पुतला दहन किया।

प्रदर्शन में ये दिग्गज नेता कार्यकर्ता रहे शामिल

​इस बड़े शक्ति प्रदर्शन में क्षेत्र के कई प्रमुख आदिवासी और कांग्रेस नेता एकजुट नजर आए। प्रदर्शन में मुख्य रूप से: हृदय राम राठिया (पूर्व विधायक,)​दिलीप केरकेट्टा (जिलाध्यक्ष, आदिवासी कांग्रेस) शिवशंकर पैकरा (अध्यक्ष, युवा प्रभाग) वीरेंद्र शाह (ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष) जुगलाल भगत(सरपंच), अन्नू तिर्की (बीडीसी),जगदीश सिदार, सतीश शुक्ला (उपाध्यक्ष), प्रमोद प्रधान (महामंत्री), धर्मेंद्र बानी, राज पटेल, अपरांस सिन्हा, आकृत सारथी, राकेश महंत, अंकित निषाद, संदीप राजपूत, शुभम गुप्ता, विक्की वैष्णव, रोशन साहू, हरीश पैकरा और भूवेश राठिया सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

‘आदिवासी बनाम वनवासी’ की बहस फिर तेज

​इस प्रदर्शन ने देश में लंबे समय से चल रही ‘आदिवासी बनाम वनवासी’ की वैचारिक जंग को एक बार फिर हवा दे दी है। जहां एक ओर आदिवासी संगठन ‘वनवासी’ शब्द को अपनी मूल पहचान और जल-जंगल-जमीन के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने वाला मानते हैं, वहीं इस ताजा विवाद ने आने वाले दिनों में सियासी टकराव और बढ़ने के संकेत दे दिए हैं।

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