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धरमजयगढ़ – कापू के सतनाम समाज ने निकाली भब्य शोभायात्रा…उमड़ी लोगो की भीड़

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कापू के सतनाम समाज ने निकाली भब्य शोभायात्रा

रायगढ़ जिला अंतर्गत धरमजयगढ़ विकासखंड  के कापू तहसील  माझापारा में विकासखण्ड स्तरीय गुरु घासीदास जयंती धूमधाम से मनाई गई संत शिरोमणि परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी कि जयंती मे धरमजयगढ़ के  दर्जनों ग्राम से सैकड़ों के तादाद मे अनुयायाई उपस्थित हुए ।

उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि असलंम खान प्रदेश अध्यक्ष सह प्रदेश मीडिया प्रभारी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के मुख्य अतिथि एवं कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ समाज सेवक इंडियन सतनामी समाज ऑर्गनाइजेशन अधिकारी कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर गुरुनाथ जाँगड़े के अध्यक्षता में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ कार्यक्रम मे सबसे पहले ग्राम माँझापारा से गाजे बाजे एवं डीजे के साथ पंथी नृत्य करते हुए शोभायात्रा हाईस्कूल तक निकाली गई समनिया के समाज प्रमुख भी रैली निकालकर हाईस्कूल तक गए जहा मुस्लिम भाइयों के द्वारा इनका स्वागत किया गया और सभी सदस्यों को चाय नास्ता कि व्यवस्था किया गया सतनामी समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर गुरुनाथ जाँगड़े ने साल श्रीफल देकर मुस्लिम भाइयों को जय सतनाम कहते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया ।

तद्पश्चात कार्यक्रम पुन माँझपारा मुख्य मंदिर प्रांगण पहुची जहा समस्त ग्राम से आए अतिथियो का स्वागत साल श्रीफल देकर सम्मानित किया गया वही दोपहर को ध्वजारोहण किया गया बाबा गुरु घासीदास जी कि प्रार्थना करके पालो चढ़ाई गई प्रदेश अध्यक्ष इंडियन सतनामी समाज ऑर्गनाइजेशन के अधिकारी कर्मचारी प्रकोष्ठ के द्वारा बताया कि गुरु घासीदास अंध विश्वास से दूर एक तार्किक गुरु थे उन्होंने जो उपदेश दिए वो कोई काल्पनिक घटनाओं पर न हो करके यथार्थ पर आधारित और तार्किक थे |

जिसे आज भी लोगों को मानने पर मजबूर कर रही है, बाबा जी बचपन से ही लोगों के प्रति अन्याय और अंधविश्वास को लेकर परेशान थे |

वे बचपन से ही अपने मित्रों को किसी भी घटना का तर्क संगत उदाहरण देते थे इनके इसी तार्किक बातों को सुनकर लोग इन्हें पागल भी कहते थे क्योंकि उस युग में सभी अंधविश्वास में जी रहे थे |

जब लोगों को उनकी बातें समझ में आई तब सभी जाति धर्मों के लोग उन्हें मानने लगे और उनके बताए मार्गों पर चलना शुरू किये |

तब से आज तक गुरु घांसी दास बाबा की पूजा करते आ रहे है

 

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