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कुड़ेकेला मंडी में मचाई तबाही, 30 हजार क्विंटल धान पर मंडराया खतरा!!

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छाल वन परिक्षेत्र में हाथियों का उत्पात: कुड़ेकेला मंडी में मचाई तबाही, लगभग 30 हजार क्विंटल धान पर मंडराया खतरा

जय जोहार इंडिया TV न्यूज नेटवर्क छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के छाल वन परिक्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कुड़ेकेला धान मंडी में बीती रात एक दंतैल हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने न केवल मंडी की सुरक्षा घेरे को तोड़ा, बल्कि वहां रखी धान की दर्जनों बोरियों को फाड़कर अनाज बिखेर दिया। इस घटना के बाद से मंडी प्रबंधन और स्थानीय किसानों में दहशत का माहौल है।
आधी रात का वक्त था जब गजराज ने कुड़ेकेला धान मंडी में दस्तक दी। हाथियों का झुंड पिछले कुछ दिनों से इस इलाके में सक्रिय है, लेकिन बीती रात एक हाथी सीधे मंडी के भीतर जा घुसा। तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि किस तरह धान की बोरियों को बेरहमी से बिखेरा गया है।

मंडी प्रबंधन की चिंता अब दोगुनी हो गई है। बताया जा रहा है कि मंडी में अभी भी लगभग 30 हजार क्विंटल धान खुले में पड़ा है, जिसका उठाव अब तक नहीं हो सका है। हाथियों की मौजूदगी के कारण परिवहन में भी डर बना हुआ है। प्रबंधन को डर है कि अगर जल्द ही धान का उठाव नहीं हुआ, तो हाथियों का झुंड पूरे स्टॉक को भारी नुकसान पहुँचा सकता है।

कर्मचारी – रात को हाथी अचानक अंदर आ गया। हमने जैसे-तैसे अपनी जान बचाई और सुरक्षित स्थान पर  रहे। अभी बहुत सारा धान यहां रखा है, अगर जल्दी उठाव नहीं हुआ तो भारी नुकसान होगा
वन विभाग ने क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है और ग्रामीणों को रात के समय मंडी की ओर न जाने की सलाह दी है। लेकिन सवाल वही है—29 हजार क्विंटल धान की सुरक्षा कैसे होगी?
अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कितनी जल्दी एक्शन लेता है ताकि किसानों की मेहनत पर हाथियों का यह ‘हमला’ भारी न पड़े।

 

 

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