धरमजयगढ़ में राष्ट्रीय लोक अदालत का महाकुंभ एक ही दिन में 2550 मामलों का हुआ निपटारा
छाल :- छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के मार्गदर्शन में आज धरमजयगढ़ व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। तालुका विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष श्रीमती प्रिया रजक के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस लोक अदालत ने न्याय की दिशा में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
*न्याय की चौखट पर हुआ त्वरित समाधान*:-शनिवार को आयोजित इस शिविर में पक्षकारों के बीच सुलह समझौते की ऐसी लहर दिखी कि बरसों से लंबित विवाद मिनटों में सुलझ गए। अध्यक्ष श्रीमती प्रिया रजक की सक्रिय भागीदारी और मार्गदर्शन के चलते न्यायालय परिसर में सुबह से ही गहमागहमी का माहौल रहा। लोक अदालत के माध्यम से कुल 3701 प्रकरणों को चिन्हांकित किया गया था जिनमें से रिकॉर्ड 2550 प्रकरणों का सफल निराकरण कर दिया गया।
*इन विभागों का रहा सक्रिय योगदान*:-इस आयोजन की सफलता में न्यायपालिका के साथ साथ विभिन्न शासकीय विभागों का तालमेल देखने लायक था बैंक एवं विद्युत विभाग:- ऋण और बकाया बिलों से संबंधित विवादों में मौके पर ही छूट प्रदान कर मामले खत्म किए गए।
नगर पंचायत एवं स्वास्थ्य विभाग:-जनहित से जुड़े मुद्दों और छोटे विवादों का त्वरित समाधान किया गया।
विधि जगत:- सलाहकर्ता सदस्य दीपक देवांगन एवं हुरदानन्द यादव वकील संघ और व्यवहार न्यायालय के कर्मचारीगणों ने विधिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
मैदान में डटे रहे पैरालीगल वालेंटियर:-आम जनता और न्याय के बीच सेतु का काम कर रहे पैरालीगल वालेंटियर मौसमी शर्मा सावित्री डनसेना और सदानन्द सिंह ने घर घर और पक्षकारों तक पहुँचकर उन्हें लोक अदालत के लाभों से अवगत कराया। शिविर में बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और सम्मानीय नागरिक भी उपस्थित रहे जो इस विधिक महाकुंभ के साक्षी बने।इस आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यदि आपसी समझ और विधिक सहयोग हो तो विवादों का अंत बिना किसी कड़वाहट के संभव है।