हाटी के इंद्रा पेट्रोल पंप पर प्रशासन की दबिश: ईंधन संकट के बीच ड्रमों में डीजल बेचने का आरोप, जांच जारी
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हाटी के इंद्रा पेट्रोल पंप पर प्रशासन की दबिश: ईंधन संकट के बीच ड्रमों में डीजल बेचने का आरोप, जांच जारी
धरमजयगढ़ / छाल:
क्षेत्र में चल रहे भीषण ईंधन संकट के बीच धरमजयगढ़ ब्लॉक के हाटी स्थित एक पेट्रोल पंप पर नियमों को ताक पर रखकर डीजल बेचने का बड़ा मामला सामने आया है। सोशल मीडिया और अखबारों में खबर सुर्खियां बनने के बाद आज प्रशासनिक अमला एक्शन मोड में नजर आया। छाल तहसीलदार लोमेश मिरी और धरमजयगढ़ के खाद्य अधिकारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, हाटी स्थित इंडियन ऑयल के इंद्रा पेट्रोलियम प्वाइंट पंप पर एक निजी कंपनी को करीब लगभग 600 लीटर डीजल ड्रमों में भरकर दिए जाने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ था।
बड़ा सवाल: एक तरफ जहां आम जनता बूंद-बूंद ईंधन के लिए तरस रही है, वहीं एक निजी कंपनी पर इतनी बड़ी मेहरबानी क्यों की गई?
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
वर्तमान में क्षेत्र के कई पेट्रोल पंप पूरी तरह से ‘ड्राई’ (ईंधन खत्म) होने की कगार पर हैं। आम लोगों को अपनी गाड़ियों के लिए सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल मिल पा रहा है। ऐसे संकट के समय में इतनी बड़ी मात्रा में डीजल की कालाबाजारी या अवैध बिक्री की खबर मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी।

मौके पर पहुंचे अधिकारी, जांच जारी
मामले के तूल पकड़ते ही प्रशासन ने हरकत में आते हुए जांच शुरू कर दी है।
- जांच टीम का नेतृत्व: छाल तहसीलदार लोमेश मिरी और धरमजयगढ़ खाद्य अधिकारी।
- कार्रवाई की स्थिति: टीम पेट्रोल पंप के स्टॉक, सेल्स रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि की जा सके।
आगे क्या?
सूत्रों के मुताबिक, यदि जांच में पेट्रोल पंप प्रबंधन की लापरवाही या अवैध बिक्री की पुष्टि होती है, तो पंप को सील करने समेत सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।



