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मल्का पावर परियोजना विवाद पहुंचा कानूनी दहलीज तक, शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने दर्ज की एफआईआर!

छत्तीसगढ़, रायगढ़ धरमजयगढ़

जय जोहार इंडिया TV न्यूज भारत के सबसे लोकप्रिय न्यूज नेटवर्क

मल्का पावर परियोजना विवाद पहुंचा कानूनी दहलीज तक, शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने दर्ज की एफआईआर!

धरमजयगढ़। बहुप्रतीक्षित मल्का जल विद्युत परियोजना से जुड़ा विवाद अब नए चरण में प्रवेश कर गया है। परियोजना संचालन से संबंधित शिकायतों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच थाना धरमजयगढ़ पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद एक व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 296 एवं 115(2) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

जानकारी के अनुसार, धनवाड़ा पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से थाना धरमजयगढ़ में एक विस्तृत शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में कंपनी प्रबंधन ने आरोप लगाया था कि परियोजना से पूर्व में जुड़े रहे एक व्यक्ति द्वारा कंपनी की गतिविधियों को प्रभावित करने, अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर दबाव बनाने तथा परियोजना कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करने की कोशिश की जा रही है।

और वहीं पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने के बाद दोनों पक्षों को सुनते हुए तथ्यों और दस्तावेजों की जांच की। जांच प्रक्रिया के दौरान संबंधित व्यक्तियों के बयान भी दर्ज किए गए। वहीं प्रारंभिक जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी अनुसार शिकायतकर्ता प्रथम सूचना रिपोर्ट में कंपनी के एजीएम विवेक सिंह ने उल्लेख किया है कि रोहित राज श्रीवास्तव पूर्व में कंपनी से जुड़े लाइजनिंग कार्यों का दायित्व संभालते थे। कंपनी का दावा है कि वर्ष 2025 में उनकी कार्यशैली एवं व्यवहार से उत्पन्न परिस्थितियों के चलते उन्हें कार्य से पृथक कर दिया गया था। इसके बाद से संबंधित व्यक्ति द्वारा विभिन्न व्यक्तियों के माध्यम से आरटीआई आवेदन लगाकर कंपनी और कई शासकीय विभागों की कार्यप्रणाली को प्रभावित करने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया गया है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों को कथित रूप से मानसिक दबाव में रखा जा रहा था तथा ग्रामीणों को भड़काकर विरोध का माहौल निर्मित करने की कोशिश की जा रही थी। कंपनी का दावा है कि यदि ऐसी गतिविधियां जारी रहती हैं तो परियोजना के संचालन और निवेश पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिससे बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका है।

इधर, एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले ने और अधिक गंभीर रूप ले लिया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि विवेचना अभी जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, मल्का पावर परियोजना से जुड़ा यह विवाद क्षेत्र का प्रमुख चर्चा विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें पुलिस एफआईआर के बाद आगामी कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं, जिससे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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