भारत विरोधी नारे सिखाने वाले आरोपी वसीम मोहम्मद के बदले सुर; पुलिस कस्टडी में लगाए “हिंदुस्तान जिंदाबाद” के नारे
छत्तीसगढ़

भारत विरोधी नारे सिखाने वाले आरोपी वसीम मोहम्मद के बदले सुर; पुलिस कस्टडी में लगाए “हिंदुस्तान जिंदाबाद” के नारे
रायगढ़ : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में महिला से प्रताड़ना और राजद्रोह और राष्ट्रीय एकता के प्रतिकूल अभिकथन देने जैसे गंभीर धाराओं में आरोपित वसीम मोहम्मद निवासी जोगीडिपा रायगढ़ पर दर्ज महिला थाना रायगढ़ के प्रकरण की विवेचना तेज़ी से आगे बढ़ाई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी उन्नति ठाकुर के सुपरविजन में विवेचना थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस को सौंपी गई है।
जानकारी के अनुसार 29 मई 2026 को एक स्थानीय महिला ने महिला थाना रायगढ़ में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपित मोहम्मद वसीम द्वारा उसे शारिक और मानसिक रूप से काफी प्रताड़ित किया गया तथा उसके नाबालिग पुत्र को “पाकिस्तान जिंदाबाद” और “हिंदुस्तान मुर्दाबाद” जैसे भारत विरोधी नारे सिखाए गए, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। महिला द्वारा लिखित शिकायत महिला थाना रायगढ़ में प्रस्तुत करने पर आरोपित वसीम मोहम्मद के विरूद्ध अपराध क्रमांक 52/2026 के तहत धारा 85, 351, 152 एवं 197 भारतीय न्याय संहिता तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 1968 की धारा 4 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
ज्ञात हुआ कि आरोपी मोहम्मद वसीम (43 वर्ष), निवासी जोगीडीपा, रायगढ़ को 25 मई 2026 को लगभग 6 किलोग्राम गांजा के साथ सिटी कोतवाली रायगढ़ की पुलिस ने गिरफ्तार होकर एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में जिला जेल रायगढ़ में न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध है।
महिला थाने के उक्त गंभीर अपराध में आरोपी की आवश्यकता पर विवेचना के लिए निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस द्वारा माननीय न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर आरोपी को जिला जेल रायगढ़ से एक दिन की पुलिस अभिरक्षा में लिया गया।पुलिस टीम द्वारा आरोपी को घटनास्थल ले जाकर आवश्यक पूछताछ, स्थल निरीक्षण एवं अन्य वैधानिक विवेचना की गई। इस दौरान आरोपी ने “हिंन्दुस्तान जिंदाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद” के नारे लगाता रहा । पुलिस रिमांड अवधि पूर्ण होने के पश्चात आरोपी को पुनः माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
प्रकरण की विवेचना जारी है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



