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जल जीवन मिशन में लापरवाही पर कलेक्टर सख्त: काम में देरी करने वाले 6 ठेकेदारों के अनुबंध निरस्त, कानूनी कार्रवाई के निर्देश

छत्तीसगढ़

जल जीवन मिशन में लापरवाही पर कलेक्टर सख्त: काम में देरी करने वाले 6 ठेकेदारों के अनुबंध निरस्त, कानूनी कार्रवाई के निर्देश

 

रायगढ़ : जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित जल जीवन मिशन की विभिन्न योजनाओं, विशेषकर समूह नल-जल योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उक्त कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ ठेकेदार लंबे समय से कार्य बंद रखकर परियोजनाओं की प्रगति में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। इस पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए मेसर्स संतोष कुमार तिवारी, मेसर्स आशीष ट्रेडर्स एंड कंस्ट्रक्शन, मेसर्स माला मोहन बिल्डर्स, मेसर्स महामाया कंस्ट्रक्शन, मेसर्स आदिशक्ति इंटरप्राइजेस तथा मेसर्स ध्रवा इंटरप्राइजेस के अनुबंध निरस्त करने और उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के कार्यों में किसी भी प्रकार की उदासीनता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। ग्रामीण परिवारों तक हर घर नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य को समयबद्ध रूप से पूरा करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

          बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत योजनाओं की अद्यतन स्थिति, निर्माण कार्यों की वास्तविक प्रगति तथा तृतीय पक्ष जांच एजेंसी द्वारा किए जा रहे निरीक्षण कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। इसके साथ ही फाइनेंशियल रिकॉन्सिलिएशन, एसएनए स्पर्श पोर्टल पर लंबित प्रविष्टियों तथा योजनाओं से संबंधित तकनीकी एवं प्रशासनिक बिंदुओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पोर्टल आधारित मॉनिटरिंग एवं वित्तीय प्रक्रियाओं को समय पर पूरा किया जाए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यपालन अभियंता श्रीमती प्रतिभा नवरतन, विभागीय सहायक अभियंता, उप अभियंता तथा मिशन से जुड़े अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

जियो-मैपिंग और ऑनलाईन मॉनिटरिंग को मिलेगा बढ़ावा, केएमएल कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश

 

बैठक में केएमएल फाइल तैयार करने और उसे पोर्टल पर अपलोड करने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी शेष ग्रामों और योजनाओं का केएमएल कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए, जिससे योजनाओं का सटीक भौगोलिक मानचित्रण (जियो-मैपिंग) तथा ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्रभावी ढंग से की जा सके। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन द्वारा निर्धारित मानकों और समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं की सफलता के लिए नियमित समीक्षा, सतत मॉनिटरिंग और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई अनिवार्य है, ताकि जिले के प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

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