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पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ ने भरी हुंकार

27 अक्टूबर की हड़ताल को सफल बनाने की तैयारी, संगठन की मजबूती पर दिया जोर

पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ ने भरी हुंकार

27 अक्टूबर की हड़ताल को सफल बनाने की तैयारी, संगठन की मजबूती पर दिया जोर

छाल : आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सशक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ ने आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है। इसी कड़ी में धर्मजयगढ़ में संघ की परियोजना स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं शामिल हुईं। बैठक में 27 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित एक दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने के साथ संगठन की मजबूती और अधिकारों की लड़ाई को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई।

संघ की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अनीता नायक एवं सचिव श्रीमती काजल विश्वास की उपस्थिति में आयोजित बैठक में पांच सूत्रीय मांगों को सरकार तक पहुंचाने की रणनीति बनाई गई। प्रदेश अध्यक्ष अनीता नायक ने कहा कि संगठन की असली ताकत एकता में है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारियां निभाती हैं, इसलिए उनके अधिकारों और मांगों पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी से आपसी मतभेद भुलाकर संगठन के साथ एकजुट रहने और सामूहिक रूप से आवाज उठाने की अपील की।

संघ की सचिव श्रीमती काजल विश्वास ने कहा कि मांगों को पूरा कराने के लिए सभी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को संगठित होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने 27 अक्टूबर को प्रस्तावित एक दिवसीय हड़ताल में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया।

नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा प्रमुख मांगें

बैठक में संघ की पांच सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रमुख मांगों में सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का नियमितीकरण शामिल है। नियमितीकरण होने तक कार्यकर्ताओं को 30 हजार रुपये तथा सहायिकाओं को 25 हजार 500 रुपये प्रतिमाह वेतन देने की मांग की गई।

इसके अलावा कार्यकर्ताओं को पर्यवेक्षक तथा सहायिकाओं को कार्यकर्ता के पद पर बिना शर्त पदोन्नति देने, समूह बीमा, पेंशन, ग्रेच्युटी एवं भविष्य निधि (पीएफ) का लाभ प्रदान करने की मांग उठाई गई। आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने तथा सेवानिवृत्ति पर कार्यकर्ता को पांच लाख और सहायिका को तीन लाख रुपये देने की मांग भी रखी गई। साथ ही मध्यप्रदेश सरकार की तर्ज पर प्रतिवर्ष मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि किए जाने की मांग की गई।

विभिन्न क्षेत्रों में पदाधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी 

बैठक में संगठनात्मक विस्तार के तहत विभिन्न पदों पर नवनियुक्त पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। परियोजना अध्यक्ष के रूप में रामेश्वरी सिंह, उपाध्यक्ष के रूप में लता वस्त्राकार एवं ललिता सिदार, कोषाध्यक्ष के रूप में गौरी यादव एवं तारामणी टोप्पो, सचिव के रूप में बिंदु सिदार एवं सपना द्विवेदी तथा सह-सचिव के रूप में शारदा एवं जगमति सिदार को जिम्मेदारी दी गई।

छाल क्षेत्र में अध्यक्ष के रूप में बिंदु सिदार एवं पदमावती राठिया तथा सचिव के रूप में सपना द्विवेदी एवं गणेशी राठिया को जिम्मेदारी सौंपी गई। बेजिया क्षेत्र में शशि को अध्यक्ष, सजनी को उपाध्यक्ष तथा पार्वती सिदार को सचिव बनाया गया। हाटी क्षेत्र में शारदा एवं जगमति सिदार को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। बोरो क्षेत्र में कुसुम मंडल को अध्यक्ष तथा ललिता राठिया को सचिव बनाया गया। वहीं सिसरिंगा क्षेत्र में पांचो बाई को अध्यक्ष एवं कुमारी रतिया को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई।

हड़ताल सफल बनाने का लिया संकल्प 

बैठक के समापन पर प्रदेश अध्यक्ष अनीता नायक एवं सचिव काजल विश्वास ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं तथा संगठन के प्रति समर्पित होकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने संगठन को मजबूत बनाने, अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखने और 27 अक्टूबर की प्रस्तावित एक दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया।

बैठक में कार्यकारिणी से छाल क्षेत्र की भगवती सिंह ठाकुर एवं गणेश राठिया तथा बेजिया क्षेत्र की भारती सिंह ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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