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ऑपरेशन शंखनाद रायगढ़ पुलिस ने स्कार्पियो से तस्करी किए जा रहे 6 गौवंश छुड़ाए तस्कर गिरफ्तार

छत्तीसगढ़

ऑपरेशन शंखनाद रायगढ़ पुलिस ने स्कार्पियो से तस्करी किए जा रहे 6 गौवंश छुड़ाए तस्कर गिरफ्तार

छाल :- रायगढ़ जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे ऑपरेशन शंखनाद को एक और बड़ी सफलता मिली है। कोतरारोड़ पुलिस ने घेराबंदी कर एक स्कार्पियो वाहन से क्रूरतापूर्वक ले जाए जा रहे 6 गौवंशों को मुक्त कराया। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया जबकि अन्य की तलाश जारी है।प्राप्त ​जानकारी अनुसार थाना कोतरारोड़ पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम सरवानी से एक सिल्वर रंग की स्कार्पियो क्रमांकCG 13 D 0941 में मवेशियों को भरकर रायगढ़ की ओर तस्करी की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी ने टीम के साथ बैसपाली चौक पर रणनीतिक घेराबंदी की।​संदिग्ध वाहन के रुकते ही जब उसकी तलाशी ली गई तो पुलिस कर्मी भी हैरान रह गए। लग्जरी स्कार्पियो के भीतर 06 नग गौवंशों को बेहद बेरहमी से ठूंस-ठूंस कर भरा गया था।

जशपुर का आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार

​पुलिस ने मौके से वाहन चालक मकसूद खान 27 वर्ष निवासी लोदाम जिला जशपुर को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह वाहन मालिक जहांगीर शाह के निर्देश पर ग्राम सरवानी से ललित नामक व्यक्ति से ये मवेशी लेकर आ रहा था।

​पुलिस ने 06 गौवंश सुरक्षित मुक्त कराया और तस्करी में प्रयुक्त स्कार्पियो वाहन।वआरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज।कर मुख्य आरोपी मकसूद खान को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है जबकि जहांगीर शाह और ललित की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

एसएसपी का कड़ा संदेश: जीरो टॉलरेंस

​एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस सफल कार्रवाई के बाद स्पष्ट किया कि जिले में पशु तस्करी के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा:

​गौवंश तस्करी एवं पशु क्रूरता के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। ऑपरेशन शंखनाद के तहत यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक ऐसे गिरोहों का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता।

​इस सफल ऑपरेशन में प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी के साथ आरक्षक राजेश खाण्डे धनेश्वर उरांव और रवि सिंह की अहम भूमिका रही। मुक्त कराए गए सभी मवेशी स्वस्थ बताए जा रहे हैं और उनके लिए चारे-पानी की उचित व्यवस्था की गई है।

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