धरमजयगढ़ वनमंडल में हड़कंप: छाल परिक्षेत्र में हाथी शावक की मौत, भारी संख्या में दलदल/जंगल के बीच हाथियों का पहरा
छत्तीसगढ़, रायगढ़, धरमजयगढ़, छाल

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धरमजयगढ़ वनमंडल में हड़कंप: छाल परिक्षेत्र में हाथी शावक की मौत, भारी संख्या में दलदल/जंगल के बीच हाथियों का पहरा
- BREAKING: धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल वन परिक्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर…
- चितापाली-आमामुड़ा में आज रात लगभग 8 बजे एक हाथी शावक (बच्चे) की मौत…
- शावक की लाश को घेरे खड़ा है हाथियों का विशाल झुंड, वन विभाग के लिए रेस्क्यू बनी बड़ी चुनौती…
छत्तीसगढ़ के जंगलों से हाथियों और इंसानों के द्वंद्व के बीच एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। वनमंडल धरमजयगढ़ के अंतर्गत आने वाले छाल वन परिक्षेत्र के चितापाली-आमामुड़ा इलाके में आज रात करीब 8 बजे एक हाथी शावक (बच्चे) की मौत होने की खबर है। इस घटना के बाद से पूरे वन महकमे में हड़कंप मच गया है।
मौके पर मुस्तैद वन विभाग, लेकिन चुनौती है बड़ी:
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंच चुकी है। अधिकारियों द्वारा शावक के शव को सुरक्षित निकालने (रेस्क्यू करने) की तैयारी तो की जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण और जोखिम भरी बनी हुई है।

शावक की लाश के पास डटा है हाथियों का झुंड:
इस पूरे मामले में सबसे बड़ी चुनौती और चेतावनी यह है कि मृत हाथी शावक का पूरा झुंड घटना स्थल पर ही मौजूद है। अपने बच्चे की मौत से गुस्साया और दुखी हाथियों का यह बड़ा दल शव को छोड़कर हटने को तैयार नहीं है। रात के अंधेरे और हाथियों की आक्रामक मौजूदगी के बीच वन विभाग के सामने सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर इस खतरनाक स्थिति में हाथी शावक की लाश का रेस्क्यू कैसे किया जाए?
वन विभाग की टीम फूंक-फूंक कर कदम रख रही है और हाथियों की गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या जनहानि से बचा जा सके। शावक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका वास्तविक कारण पोस्टमार्टम और विस्तृत जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।।



