मुख्य समाचार

धरमजयगढ़ अस्पताल में संवेदनशीलता तार-तार: शव के पास भोजन करने को मजबूर हुए परिजन; चारों तरफ भाजपा की सरकार, फिर भी स्वास्थ्य व्यवस्था लाचार!

छत्तीसगढ़ रायगढ़ धरमजयगढ़

जय जोहार इंडिया TV न्यूज भारत के सबसे लोकप्रिय न्यूज नेटवर्क 

धरमजयगढ़ अस्पताल में संवेदनशीलता तार-तार: शव के पास भोजन करने को मजबूर हुए परिजन; चारों तरफ भाजपा की सरकार, फिर भी स्वास्थ्य व्यवस्था लाचार!

जय जोहार इंडिया TV न्यूज नेटवर्क छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने न केवल इंसानियत को शर्मसार किया है, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का सच भी उजागर कर दिया है। धरमजयगढ़ के सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान एक अज्ञात महिला की मौत हो गई, लेकिन हद तो तब हुई जब घंटों तक शव वार्ड में ही पड़ा रहा। स्थिति इतनी अमानवीय हो गई कि पास के मरीज और उनके परिजन शव के ठीक बगल में बैठकर खाना खाने को मजबूर दिखे।

तस्वीरें धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल की हैं, जहाँ संवेदनशीलता और इंसानियत दोनों दम तोड़ती नजर आईं। वार्ड में तड़पकर दम तोड़ने वाली एक अज्ञात महिला का शव घंटों तक मरीज के बिस्तरों के बीच पड़ा रहा। न तो शव को मरचुरी भेजने की तत्परता दिखाई गई और न ही वार्ड की मर्यादा का ध्यान रखा गया। मजबूर परिजन बदबू और खौफ के बीच उसी शव के बगल में बैठकर खाना खाते नजर आए।

भाजपा मंडल पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और पूर्व सैनिक अस्पताल पहुंचे और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) को आड़े हाथों लिया।

जनप्रतिनिधियों का तीखा सवाल: “क्या किसी मृतदेह को मरचुरी तक ले जाने के लिए भी किसी बड़े साहब के आदेश का इंतजार करना पड़ेगा? यह स्टाफ का कम्युनिकेशन गैप नहीं, बल्कि घोर अमानवीयता है।”

BMO ने सफाई में महज ‘स्टाफ के बीच तालमेल की कमी’ का बहाना बनाया, जिससे आक्रोश और भड़क गया।

राजनीतिक घेराबंदी – इस घटना ने एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक सवाल खड़ा कर दिया है। नगर में भाजपा, जनपद में भाजपा, राज्य में भाजपा और केंद्र में भी भाजपा! चारों तरफ ‘कमल’ खिलने के बावजूद जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं इतनी लाचार क्यों हैं?

अमूमन विपक्ष सरकार पर सवाल उठाता है, लेकिन इस बार सत्ताधारी दल के ही नेताओं ने अस्पताल प्रबंधन के दावों की पोल खोलकर रख दी। एक तरफ कुछ लोग वाहवाही लूटने में व्यस्त हैं, तो दूसरी तरफ इस अमानवीय घटना ने प्रशासनिक दावों का खोखलापन उजागर कर दिया है।

प्रशासनिक एक्शन – मामला तूल पकड़ते ही SDM ने घटना का कड़ा संज्ञान लिया है। अस्पताल प्रबंधन को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब तलब किया गया है।

लेकिन – सवाल सिर्फ 24 घंटे में नोटिस के जवाब का नहीं है। सवाल यह है कि क्या सरकारी कागजों में दिए जाने वाले जवाब से उस मृतक का सम्मान लौट आएगा? क्या लापरवाह स्वास्थ्यकर्मियों पर केवल खानापूर्ति वाली कार्रवाई होगी या कोई ठोस जवाबदेही तय की जाएगी? रायगढ़ प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती व्यवस्था में सुधार करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Don`t copy text!