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बनेकेला में धूमधाम से गाजे-बाजे के साथ किया गया भोजली माता का विसर्जन माना गया भोजली त्योहार और नवा खाई का पर्व

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लैलूँगा विकासखंड के ग्राम बनेकेला में धूमधाम से गाजे-बाजे के साथ किया गया भोजली माता का विसर्जन माना गया भोजली त्योहार और नवा खाई का पर्व

हीरालाल राठिया लैलूँगा

रायगढ़ लैलूंगा -: ग्राम बनेकेला में बहुत ही धूमधाम से मनाया गया भोजली का त्यौहार (पर्व)। यह ग्राम बनेकेला में 24 सितंबर रविवार को मनाया गया, जिसमें गांव के बहुत सारे जनमानसों द्वारा काफी संख्या में उपस्थित होकर यह प्राचीन पर्व अथवा त्यौहार मनाया गया

भोजली का त्यौहार मनाने से पूर्व गांव और गांव में विधिवत छग की परंपरागत प्राचीन वाद्य यंत्रों जैसे मांदार खंझनी इत्यादि को बजाते और लोकगीत गाते हुए भोजली यात्रा करते हुए पूरे गांव में विधिवत घूमाते हुए तालाब में विसर्जित कर कार्यक्रम संपन्न किया गया। जिसमें गांव की सभी महिला ने भाग लिया एवं बड़ी संख्या और तादाद में गांव के बड़े बुजुर्ग भी उपस्थित रहे साथ ही साथ पंच-सरपंच भी उपस्थित थे

यह छग की लोक सांस्कृतिक,
परंपराओं की धरोहर है भोजली। छग में इसे पर्व के रूप में मनाया जाता है।


बहुत सारे जाति व जनजाति छग में इसे भोजली त्यौहार के रूप में मनाते आ रहे हैं यह परंपरा, लोक धरोहर तथा लोक संस्कृति है। बहुत सारे लोगों का कहना है कि – यह तब के समय से मनाते आ रहे हैं कि- इस वह भी नहीं जानते हैं अत: यह कहा जा सकता है की यह प्राचीन परंपराओं द्वारा चली आ रही एक पर्व है। भोजली छग में मनाया जाने वाला एक पर्व है जो बहुत सारे जाति और जनजातियों में अलग- अलग प्रकार से मनाया जाता है मान्यता है कि – भोजली को सावन शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को घर में टोकरी अथवा किसी पात्र में उगाने के लिए गेहूं के दाने को भीगोकर बोया जाता है, बहुत से लोग इस पर धान भी लगाते हैं, चूंकि धान लगाने का सिद्धांत यह है कि – छग को धान का कटोरा भी कहा जाता है। यहां उसकी फसल एवं पैदावार काफी अच्छी होती है और लोगों की मान्यता और आस्था से भी धान जुड़ा हुआ है धन को बहुत सारे शुभ कामों जैसे पूजा पाठ में भी इसका उपयोग किया जाता है, क्योंकि इसे माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इसे सात दिन तक विधि-विधान से पूजा अर्चना कर भोजली की सेवा की जाती है तथा हल्दी लगा हुआ पानी भी इसमें डाला जाता है। इसमें भोजली माता की पूजा होती है।? इसलिए इसे भोजली पर्व कहते हैं।

आज इसी क्रम में लैलूंगा विकासखंड के ग्राम बनेकेला में गाजे बाजे और धूम धाम से भोजली त्योहार मनाया गया और नवा खाई पर्व भी मनाया गया ।

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