महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल: रायगढ़ के चुहकीमार में गठित हुआ ‘जय ब्रह्म यज्ञ’ महिला मूंगफली उत्पादक समूह
छत्तीसगढ़, रायगढ़, धरमजयगढ़

जय जोहार इंडिया TV न्यूज भारत के सबसे लोकप्रिय न्यूज नेटवर्क
महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल: रायगढ़ के चुहकीमार में गठित हुआ ‘जय ब्रह्म यज्ञ’ महिला मूंगफली उत्पादक समूह
लोक शक्ति समिति (HIMWSP 2.0) की पहल: 44 महिला किसान एक साथ आईं, सामूहिक खेती से बदलेंगी अपनी किस्मत
रायगढ़/धरमजयगढ़:- महिला किसानों की आय दोगुनी करने, खेती में आधुनिक तकनीक का समावेश करने और सामूहिक विपणन (मार्केटिंग) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रायगढ़ जिले में एक बेहतरीन पहल की गई है। ग्राम पंचायत चुहकीमार (विकासखंड- धर्मजयगढ़) में ‘लोक शक्ति समिति रायगढ़’ और ‘हाई इंपैक्ट मेगा वाटरशेड परियोजना 2.0’ (HIMWSP 2.0) के तत्वाधान में महिला किसानों के एक विशेष मूंगफली उत्पादक समूह का गठन किया गया है।

इस नवगठित समूह में क्षेत्र की 44 महिला कृषकों ने उत्साहपूर्वक सदस्यता ग्रहण की है, जो अब संगठित होकर उन्नत खेती की ओर कदम बढ़ाएंगी।
उन्नत खेती और सरकारी योजनाओं की मिली ट्रेनिंग
बैठक के दौरान लोक शक्ति समिति के कृषि सलाहकार गौरव सिंह ने महिला किसानों को मूंगफली की खेती से जुड़े कई महत्वपूर्ण तकनीकी गुरु सिखाए, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: बीज और उर्वरक: गुणवत्तायुक्त बीजों का चयन और संतुलित उर्वरक प्रबंधन।
फसल सुरक्षा: आधुनिक कीट एवं रोग नियंत्रण के तरीके स्मार्ट फार्मिंग: फसल कटाई के बाद का प्रबंधन (Post-Harvest Management)।
सामूहिक लाभ: समूह आधारित खेती के फायदे, सामूहिक क्रय-विक्रय (बल्क बाइंग-सेलिंग) और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की पूरी प्रक्रिया।

सर्वसम्मति से चुनी गईं पदाधिकारी, समूह का हुआ नामकरण
गहन विचार-विमर्श के बाद बैठक में सर्वसम्मति से संगठन का नाम “जय ब्रह्म यज्ञ किसान मूंगफली उत्पादक समूह” रखा गया। इसके साथ ही समूह के सुचारू संचालन के लिए पदाधिकारियों का चयन भी निर्विरोध किया गया:
अध्यक्ष: सुखमोती पटेल, सचिव: पुष्पा पटेल, कोषाध्यक्ष: रेखा राठिया
महिला किसानों का संकल्प: समूह की सभी सदस्य महिलाओं ने आगामी खरीफ और रबी सीजन में आधुनिक एवं उन्नत तकनीकों को अपनाकर मूंगफली का रिकॉर्ड उत्पादन करने और सामूहिक रूप से फसल बेचने का दृढ़ संकल्प लिया।
समूह गठन से कैसे बदलेगी महिला किसानों की तस्वीर?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस उत्पादक समूह के बनने से क्षेत्र की महिलाओं को सीधे तीन बड़े फायदे होंगे:
लागत में कमी: कृषि आदान सामग्री (बीज, खाद, दवाइयां) सामूहिक रूप से खरीदने पर कम कीमत पर उपलब्ध होंगी।
बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और सामूहिक विपणन के जरिए बाजार में फसल का सबसे बेहतर मूल्य प्राप्त होगा, जिससे महिलाओं की आय में सीधी बढ़ोतरी होगी।
आत्मनिर्भरता: कृषि के क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता बढ़ेगी और वे आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
यह पहल धर्मजयगढ़ क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण और कृषि विकास के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी।



