मेला देखने आ रहे युवती की मौत, फिर एक आदिवासी परिवार का चिराग बुझा
छत्तीसगढ़, रायगढ़ धरमजयगढ़

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मेला देखने आ रहे युवती की मौत, फिर एक आदिवासी परिवार का चिराग बुझा
जय जोहार इंडिया TV न्यूज नेटवर्क रायगढ़/धरमजयगढ़। विजयादशमी का पर्व जहाँ पूरे क्षेत्र में खुशियाँ लेकर आया था, वहीं कुम्हिचुआ गाँव के एक परिवार के लिए यह त्यौहार ताउम्र न भूलने वाला दर्द दे गया। दशहरा मेला देखने आ रही युवती श्याम मोती राठिया की एक दर्दनाक सड़क हादसे में जान चली गई।
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम कुम्हिचुआ निवासी युवती श्याम मोती राठिया अपने घर से मोटरसाइकिल पर सवार होकर धरमजयगढ़ का दशहरा मेला देखने आ रही थी। इसी दौरान शराब भट्टी के पास उसकी मोटरसाइकिल किसी अज्ञात वाहन से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवती गंभीर रूप से घायल हो गई।
घटना के तुरंत बाद परिजन व स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवती को उपचार के लिए धरमजयगढ़ के सिविल अस्पताल पहुँचाया गया। हालाँकि, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। अस्पताल के डॉक्टरों ने कुछ ही देर में उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही धरमजयगढ़ पुलिस अस्पताल पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा व पोस्टमार्टम की कार्रवाई कर शव को परिजन को शौप दिये। धरमजयगढ़ पुलिस आगे की कार्यवाही में जुट गई है।
गंभीर चिंतन का विषय: कब थमने से बचेंगी आदिवासियों की उजड़ती जिंदगी?
धरमजयगढ़ और छाल क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं में कई आदिवासी परिवारों के अपने उनसे हमेशा के लिए छीन रहे हैं। आए दिन असमय हो रही मौतों से कई हंसते-खेलते घर पूरी तरह उजड़ चुके हैं। यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि शासन, प्रशासन और समाज के लिए एक गंभीर चिंतन का विषय है कि आखिर इन असमय हादसों और जान-माल के नुकसान पर अंकुश कैसे लगाया जाए।।



