हाटी में भक्ति और आस्था का महासंगम: भव्य पंडाल में विराजीं माँ दुर्गा, 9 दिनों तक चला अटूट भंडारा, सांसद विधायक ने टेका माथा,
छत्तीसगढ़, रायगढ़, धरमजयगढ़, छाल हाटी

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हाटी में भक्ति और आस्था का महासंगम: भव्य पंडाल में विराजीं माँ दुर्गा, 9 दिनों तक चला अटूट भंडारा, सांसद विधायक ने टेका माथा,
जय जोहार इंडिया TV न्यूज नेटवर्क रायगढ़ , धरमजयगढ़, छाल,हाटी :- शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर ग्राम हाटी में भक्ति, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का अनुपम दृश्य देखने को मिला। माँ दुर्गा की भव्य प्रतिमा स्थापना के साथ आयोजित धार्मिक अनुष्ठान ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया। मनमोहक विद्युत सज्जा और आकर्षक कलाकृतियों से सजे दुर्गा पंडाल ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया, जहाँ नौ दिनों तक दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का जनसैलाब उमड़ता रहा।

जनप्रतिनिधियों ने टेका माथा, आयोजकों का बढ़ाया उत्साह
इस धार्मिक आयोजन की भव्यता और गरिमा उस समय और बढ़ गई, जब क्षेत्र के सांसद राधेश्याम राठिया एवं विधायक लालजीत राठिया ने पंडाल में पहुंचकर जगज्जननी माँ दुर्गा के दर्शन-पूजन किए। उन्होंने क्षेत्र की सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना करते हुए आयोजन समिति के प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की और श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया।

नैला से पधारे आचार्य ने विधि-विधान से संपन्न कराई पूजा
पूजा-अर्चना को पूर्ण धार्मिक मर्यादा एवं वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न कराने के लिए नैला से विशेष रूप से पधारे पंडित श्री भारत शर्मा जी ने मुख्य पुरोहित का दायित्व निभाया। उनके मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान से कराए गए पूजन से संपूर्ण पंडाल परिसर अध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।

इस पावन आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में राजा अग्रवाल/चंचल अग्रवाल ने पूरी निष्ठा और श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना का संकल्प पूरा किया। वहीं, आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने में प्रिंस जयसवाल एवं रोहित निषाद, रवि पटेल एवं अन्य सहयोगियों की सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका रही।

9 दिनों तक चला अविरल भंडारा: प्रिंस जायसवाल/ रोहित निषाद की अनुकरणीय सेवा
धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ पंडाल परिसर में मानव सेवा की अनूठी मिसाल देखने को मिली। प्रिंस जायसवाल के विशेष सौजन्य एवं प्रबंधन में पूरे नौ दिनों तक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ हज़ारों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर महाप्रसाद ग्रहण किया। उनकी यह निस्वार्थ सेवा भावना पूरे क्षेत्र में चर्चा और सराहना का विषय बनी हुई है।

भक्ति, सेवा और सामाजिक एकता का प्रतीक बना हाटी का आयोजन
हाटी का यह दुर्गोत्सव केवल भव्य सजावट या धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने समाज में आपसी भाईचारे, सहभागिता और सेवा भाव का सुंदर संदेश दिया।।



